एक्सट्रा प्लेट (Extra Plate)

आज अमित पेरिस दे अपनी नयी Floaver (A car like machine that can operate on any surface/ एक कार जो किसी भी सतह पर काम कर सकती है )दिखाने आ रहा है | यह हवा मे उड़ती है और पानी पर फ्लोट करती है |

सुबह जल्दी निकला था, ३-४ घंटे में भारत पहुंच जायेगा |

राजन ने नमिता को पुकारा , “अरे नाश्ते में क्ा है आज ? अमित के पसंदीदा पूड़ी आलू है कि नहीं , जब से धान की कमी हुई है साल में तीन या चार बार ही पूड़ी या रोटी बनी है वह भी ख़ास मौकों पर “|

“ अमित के लिए है |आपके लिए कॉर्नफ़्लेक्स की गोली तैयार कर देती हूँ… !” नमिता ने व्यंग्य किया वह जानती थी की घर मे सभी की पसंदीदा डिश आलू पूरी थी |

“ नहीं नहीं आज कॉर्नफ़्लेक्स की छुट्टी …!” राजन ने लम्बी सास छोड़ते हुए कहा |

“वैसे एक साल बाद हम Harris (हैरिस) से भी मिलेंगे न । अमित की नयी Floaver की ख़ुशी उन्ही को सबसे ज़्यादा हुई होगी । वो सालों से अमित के ड्राइवर रहे हैं सच पूछो तो मै उनका response देखना चाहता हूँ “ |

नमिता हैरिस के बारे मैं भूल गयी थी । उसने माथे पे हाथ मारा और बोली, “ अच्छा याद दिलाया… हैरिस के लिए भी एक प्लेट लगा देती हूँ “ |

हैरिस ड्राइवर होने के बावजूद परिवार के सदस्य से कम नहीं थे । लेकिन कुछ महीनो से उनसे ज़्यादा बात नहीं हो पाई थी ।

उनके साथ कई सुनहरी ट्रिप्स की यादें जुडी थी | भारत में गुजरात , बंगाल , कर्नाटक के वो शहर जो अब दुनिया के नक़्शे से गायब हो चुके थे ।

उन सारे शहरों की हर सड़क, मोड़, से हैरिस अच्छी तरह वाकिफ़ थे । पुरानी कार पर तो उनका हाथ ऐसा सेट था की आँख बंद कर के भी चला सकते थे |

आठ बजे अमित आ गया ।

घर मे घुसते ही … “ माँ क्या मस्त खुशबू है , पहले Floaver दिखाऊं या पेट पूजा करूँ !?”

नमिता बोली, “अरे तेरी Floaver को उड़ने दे तू आराम से खा ले पहले !”

उसने कुछ देर दरवाज़े की और देखा फिर किचन से एक और थाली टेबल पर लगा दी ।

“ और कौन आ रहा है पापा?” अमित ने राजन से पूछा |

“ अरे अपने हैरिस के लिए प्लेट लगाई है। कहाँ रह गए ? पार्किंग की तो ज़रुरत होगी नहीं तेरी मशीन को “ , राजन बोले ।

“ क्या पापा , हैरिस अंकल की अब क्या ज़रूरत ? Floaver सेल्फ ड्रिवन औरऑटोमेटिक भी | सब खुद कर लेती है और मैं पीछे बैठ के मूवी देखता रहता हूँ । वैसे भी इंसान को काम पे रखना बहुत महंगा हो गया है । सच बात तो ये है कि Floaver बुक करते ही मैंने हैरिस अंकल को बता दिया था की अब उनकी जरूरत नही “ ।

नमिता और राजन आश्चर्य चकित हो कर एक दूसरे को देखने लगे |

नमिता की आँखों में आसूँ थे ।

उसने खाली प्लेट उठाई और किचन में जाते हुए बोली ,” बेटे, हैरिस अंकल के लिए बनाई पूड़ियाँ अब तुम खा लेना !”

I am a million different things every day. Creator of 1moretale on Instagram.

Get the Medium app

A button that says 'Download on the App Store', and if clicked it will lead you to the iOS App store
A button that says 'Get it on, Google Play', and if clicked it will lead you to the Google Play store